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AIDSO के 71 वे स्थापना दिवस के अवसर पर छात्र सभा व रेली

को ऑटोनॉमस करने के स्कूलों का युक्तियुक्तकरण व कॉलेजों को खिलाफ एवं पर्याप्त संख्या में स्थाई शिक्षक-प्रोफेसर, लैव, लाइब्रेरी, हॉस्टल आदि अन्य मूलभूत सुविधाओं कि मांग पर

शिक्षा समाज का आधार होती है, समाज में उच्च नीति नैतिकता मानवीय मूल्यबोध स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा हासिल कर छात्र-छात्राएं इंसानियत हासिल कर पाते हैं। सही गलत का फर्क कर पाते हैं। आज समाज और सभ्यता का जो विकास हम देख रहे हैं, वह शिक्षा के विकास का ही परिणाम है। आज हम जो शिक्षा हासिल कर पा रहे हैं वह संघर्षों की उपज है। ऐसा संघर्ष जिसमें ईश्वरचंद्र वि‌द्यासागर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, अल्बर्ट आइंस्टीन, जियोर्दानो ब्रूनो, गैलीलियो आदि महान मनीषियों ने अपना पूरा जीवन लगा दिया। लेकिन यह हमारे समाज का दुर्भाग्य है कि संघर्ष से उपजी इस शिक्षा को हासिल करना आज असंभव सा हो गया है। पुरी की पूरी शिक्षा प्रणाली को व्यापार और मुनाफे का साधन बना दिया गया है।

आजादी आंदोलन के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद सहित अनेक महान क्रांतिकारियों ने देश की जनता के लिए निःशुल्क और सर्वसुलभ शिक्षा का सपना देखा था। लेकिन दुख की बात है कि आज आजादी के 78 सालों बाद भी देश की हालत यह है कि आज भी छात्र छात्राओं को शिक्षा हासिल करने के लिए दर दर भटकना पड़ता है। कॉलेजों में प्रवेश के लिए पर्याप्त सीट उपलब्ध नही कराई जा रही। शिक्षक प्रोफेसर के लगभग आधे पोस्ट खाली पड़े
है। सेमेस्टर के नाम पर साल में 2 बार शुल्क वसूला जा रहा है। सरकार शिक्षा से अपनी जिम्मेदारी हटाने के लिए ऑटोनोमस का खेल रच रही है। और इसके नाम पर शिक्षा को बेहतर बनाने के नाम पर शिक्षा को महंगा व प्रशासन की मनमानी बढ़ाई जा रही है। स्कूली शिक्षा की हालत और भी गंभीर है। 10,463 सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। सरकारी स्कूल जो देश मे आम जनता के लिए शिक्षा का आधार हैं उनकी हालत जर्जर हो चुकी है। व्यवस्था के नाम पर कुछ भी बचा नही है। सैकड़ों स्कूल 1 शिक्षक के भरोसे हैं पर्याप्त शिक्षकों की बात तो दूर रही।

इन्ही तमाम गंभीर समस्याओं को देखते हुए हमारे देश के आजादी आंदोलन के महान क्रान्तिकारी शिवदास घोष ने 28 दिसम्बर 1954 को देश में क्रांतिकारी छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाईजेशन AIDSO की नींव रखी थी। अपने स्थापना काल से ही छात्र संगठन AIDSO सर्वसुलभ, वैज्ञानिक एव लोकतांत्रिक शिक्षा की मांग कर रहा है। इस वर्ष AIDSO के 71 वे स्थापना दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिला कमेटी “छात्र सभा” आयोजित कर रही है। हम सभी छात्र छात्राओं, अभिभावकों व शिक्षा प्रेमियों से अपील करते हैं कि इस सभा में जरूर शामिल हों एवं हर सम्भव सहयोग प्रदान करें।

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