बिल्हा महुआ चौक उपाध्याय लकड़ी टाल के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन परम पूज्य श्री गुरु माई साध्वी रूपम राघव जी (वृंदावन धाम) ने भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के अलौकिक जन्म प्रसंगों का वर्णन किया। कथा पांडाल में जैसे ही भगवान का प्राकट्य हुआ, पूरा वातावरण ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘भए प्रगट कृपाला’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। मर्यादा पुरुषोत्तम का आगमन
कथा के प्रथम सत्र में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जन्म की कथा सुनाते हुए व्यास पीठ से कहा गया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब परमात्मा अवतार लेते हैं। अयोध्या में प्रभु राम के जन्म की झांकी देख भक्त भावविभोर हो गए। भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया और पुष्प वर्षा की।
नंदलाल के जन्म पर बंटी बधाई
दूसरे सत्र में श्री कृष्ण जन्मोत्सव की महिमा का वर्णन किया गया। श्री गुरु माई जी ने बताया कि भगवान कृष्ण का जन्म अधर्म के विनाश और प्रेम की स्थापना के लिए हुआ था। कारागार के ताले टूटने और वासुदेव जी द्वारा कान्हा को गोकुल ले जाने के प्रसंग को सजीव झांकी के माध्यम से दर्शाया गया।
मुख्य आकर्षणः
सजीव झांकियां: बाल रूप में सजे श्री राम और कृष्ण को देख श्रद्धालु
नतमस्तक हुए।
बधाई गानः महिलाओं ने सोहर और मंगल गीत गाकर खुशियां मनाईं।
प्रसाद वितरणः जन्मोत्सव के उपरांत माखन-मिश्री और छप्पन भोग का प्रसाद
वितरित किया गया।
श्री किशोरी महिला समिति के अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका ध्रुवे जी ने बताया कि कल की क्रथा में भगवान की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया जाएगा। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।